पीएफएस संस्था ने एफडीए के ऊपर हमारी नागरिक याचिका को अवैध रूप से अनुदान या इनकार करने विफल के कारण मुकदमा दायर किया है।

सितंबर 9, 2021

प्रिय मित्रों,

पोस्ट फिनास्ट्राएड सिंड्रोम संस्था, उपभोक्ता अधिकार वकालत समूह द्वारा प्रतिनिधित्व सार्वजनिक नागरिक,पिछले कल वॉशिंगटन डीसी, संघीय न्यायालय में खाद्य एवं दवा प्रशासन तो हमारी नागरिक याचिका पर कार्यवाही करने के लिए मुकदमा दायर किया।

आठ पन्नों की शिकायत में सामने रखे गए तथ्यों में शामिल है:

  • “१ एमजी फिनास्ट्राएड का सबसे गंभीर जोखिम आत्महत्या है।”
  • “बेलर चिकित्सक महाविद्यालय हालिया अध्ययन पीएफएस वाले पुरुषों में ३७०० से अधिक जीनों के व्हवहार में काफी बढाव या घटाव को दर्शाती है। जीनों का असामान्य व्यवहार के नतीजा हो सकते हैं...प्रतिकूल जैविक परिणाम।”
  • प्रोपेशिया के उत्पाद की लेबलिंग कहती है कि ‘जो पुरुष चिकित्साविधान को बन्द कर देते हैं उनमें समाधान [यौन प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं का] हो जाता है’... परंतु वास्तव में सभी पुरुषों में दृढ़ यौन रोगों का दवा बंद करने के बाद भी समाधान नहीं है।
  • “मर्क की फिनास्ट्राएड क्लिनिकल विकास कार्यक्रम द्वारा १९९० और १९९२ में किए गए प्रकाशन फिनास्ट्राएड के प्रभावों को बंध्याकरण से तुलना करता है।”
  • “ यूएस में २०१५ से २०२० तक १ एमजी फिनास्ट्राएड दवा सुझाव दोगुने से ज्यादा हो गया है। इस नाटकीय वृद्धि के लिए सबसे संभावित स्पष्टीकरण टेलीमेडिसिन कंपनियों का उदय है, जैसे कि हिम्स, रोमन और कीप्स।”
  • एफडीए हमारी जन याचिका को “अवैध रूप से स्वीकार या अस्वीकार करने में विफल रहा”

“जनता को प्रोपेशिया उपयोग से सम्बंधित जोखिमों से बचाने के लिए एफडीए को समयोचित ढंग से कार्य करने की आवश्यकता है”, माइकल किर्कपैट्रिक,प्रमुख परामर्शदाता के रूप में कार्य कर रहे सार्वजनिक नागरिक वकील, सिविल कार्यवाही की अपनी घोषणा में कहते हैं। एफडीए की कार्य करने की विफलता उपभोक्ताओं को संभावित रूप से जानलेवा नुकसान के लिए जोखिम पैदा करता है।

“एफडीए द्वारा दी गई गलत जानकारी ने कई चिकित्सकों को मरीजों को खारिज करने के लिए अग्रसर किया, जबकि उनमें से कुछ ने उनको ये भी कहा कि उनके लक्षण वास्तविक नहीं है,”पीएफएस संस्था के मुख्‍य कार्यपालक अधिकारी जॉन सैंटमैन, एमडी जोड़ते हैं। “पीएफएस के प्रभावी इलाजों के बिना, इस सौन्दर्य-प्रसाधन दवा का इस्तेमाल जीवन भर के दूष प्रभावों की ओर अग्रसित कर सकता है। दवा प्रत्येक दिन अधिक जीवनों को बर्बाद करता है और व्यापार में इसका कोई काम नहीं है।“

सितंबर २०१७ में मूलतः दायर की गई, हमारी १२० पेजों की याचिका विज्ञान और चिकित्सक साक्ष्य जो की फिनास्ट्राएड जन स्वास्थ्य को खतरा पैदा करने वाली है और इसे बाजार से हटा देना चाहिए को शामिल करती है। यहां पर आठ  पीएफएस मरीजों जिन्होंने इस स्थिति द्वारा गढ़े गए कष्ट से अपनी जान ले ली उनके अच्छी तरह से प्रलेखित मामलों के सार को शामिल करता है।

उन मामलों में से एक डेनियल स्टीवार्ड का है, , नॉर्थ टेक्सास  विश्वविद्यालय के ३७-वर्षीय आपराधिक न्याय के प्राध्यापक जिन्होंने २०१४ में,  बेलर चिकित्सा महाविद्यालय (बीसीएम) के पीएफएस क्लिनिकल अध्ययन में भाग लेने के कुछ ही समय बाद, अपने घर टेक्सास ,डेंटन में फांसी लगा ली।

तथा इन मामलों में से एक ४२- वर्षीय पुरुष है “जिसमें मनोविश्लेषक और यौन लक्षण ईलाज के २ वर्ष बाद विकसित हुए जो फिनास्ट्राएड बंद करने के बाद भी कभी भी नही रुके... [अभी तक ] उपचार शुरू करने से पहले कोई पूर्ववर्ती यौन रोग, मनोरोग या चिकित्सीय स्थिति नहीं थी...शव परीक्षण की रिर्पोट ने बेल्ट से लटकने का प्रमाण पाया... अग्रसित परीक्षण से पूर्व मस्तिष्क और मेरुदण्ड को फॉरमालिन स्थायी किया गया और वर्तमान में चल रहे अध्ययन के लिए चिकित्सा शोधों को दान कर दिया गया।

बीसीएम में हमरी पीएफएस क्लिनिकल शोध में भी मरीजों ने भाग लिया, जिसका मतलब यह है की इन अध्ययनों में सभी मरीजों के आठ प्रतिशत ने आत्महत्या की है।

दिसंबर २०२० तक, हमारी याचिका के तीन साल से अधिक समय के पश्चात भी एफडीए ने कोई अनुक्रिया नहीं की, मगर हमारी याचिका का समर्थन करने के लिए निहत नए सबूत उभरे हैं। तो हमनें याचिका में दो परिशिष्ट दर्ज किए:

परिशिष्ट १ वैज्ञानिक खोज,महामारी विज्ञान आधार-सामग्री और दअन्य उचित जानकारी, जिसमे पशु अध्यययन, क्लिनिकल अध्ययन और यूरोपियन दवा एजेंसी द्वारा लेबल अनिवार्य अद्यतन शामिल हैं, व्यग्रता और आत्मघाति विचारों के बारे में , जिसे एफडीए द्वारा यूएस में लागू नहीं किया गया है इन सब को समाविष्ट करता है।

परिशिष्ट २ केवल रायटर के शीर्षक का हवाला देता है कि न्यायालय ने मर्क को प्रचलित दवा के जोखिम के राज को छुपाने दिया। एक वर्ष लंबी जांच पड़ताल के उपरांत सितंबर ११, २०१९ को लेख मर्क के पूर्व कार्यपालक की ‘संयुक्त राज्य प्रपेशिया मुकदमे’ में दी गई गवाही को उजागर करता है जो यह सुझाती है कि दवा दिग्गज द्वारा क्लीनिकल परीक्षणों में आए दवा के दुष्प्रभाव की अनदेखी की गई है। विशेष रूप से इस बात के सबूत भी पाए की मूल क्लीनिकल परीक्षणों में पाए गए ‘फिनास्ट्राएड’ के जड़ दुष्प्रभावों को चेतावनी पर्चे पर भी प्रकट करने में मर्क असमर्थ रही। इस पारदर्शिता की कमी को देखते हुए भी मुकदमे के न्यायाधीश ब्रायन कोगन ने बेवजह मर्क और प्लेनटिफ्स के वकीलों को अदालत में प्रस्तुत की गई जानकारी को गोपनीय रखने की अनुमति दी।

संयुक्त राज्य का कोई भी व्यक्ति जो पीएसएस(PFS) से ग्रसित है वह अपने लक्षणों को संयुक्त राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन को सूचित करें। कोई भी व्यक्ति जो संयुक्त राज्य से बाहर रहता हो तथा पीएसएस(PFS) से ग्रसित है वह अपने लक्षणों को संयुक्त राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन को सूचित करें तथा अपने राष्ट्र की दवा नियामक संस्था को भी सूचित करें। जिस तरह अपने दुष्प्रभावों को सूचित करें पत्र निर्देशित करता है।

अन्ततः, यद्यपि आपका कोई प्रियजन पीएसएस(PFS) से ग्रसित है तथा अवसादित अथवा अस्थिर महसूस करता हो तो कृपया करके हमारी पीएफ संस्था को Patient Support hotline:  social@pfsfoundation.org  द्वारा  संपर्क करने में न हिचकिचाए।

धन्यवाद।

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